Sunday, 15 May 2016

‘देश का वीर’ सरबजीत सिंह




सरबजीत सिंह / Sarabjit Singh भारतीय मूल का ही व्यक्ति है जिसे पाकिस्तानी कोर्ट ने आतंकवादी हमलो में दोषी और जासूस करार दिया है. पाकिस्तानी कोर्ट के अनुसार 1990 में लाहौर और फैसलाबाद में हुए बम हमलो में वह भी सहभागी था और उसने 14 तमाशाईयो की हत्या भी की थी. लेकिन सरबजीत का कहना है की वह एक किसान है और बम हमले के तीन महीने बाद भटकते हुए अपने गाव की बॉर्डर से होकर पाकिस्तान आया था. अकथित भारतीय जानकारों और पाकिस्तानी अखबारों के अनुसार सिंह इंडियन रिसर्च एंड एनालिसिस विंग इंटेलिजेंस एजेंसी का गुप्तचर था और वह छुपकर पाकिस्तान में रहता था और जासूसी करता था.

पूरी जांच और पड़ताल के बाद लाहौर हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार उसे दोषी ठहराया गया और 1991 मृत्यु की सजा सुनाई गयी. लेकिन यह सजा बाद में पकिस्तान सरकार द्वारा पोस्टपोंड (आगे बढ़ाई) कर दी गयी.

जबकि अप्रैल 2013 को जेल में उनपर कुछ कैदियों ने हमला किया और उसके 6 दिन बाद ही जिन्नाह हॉस्पिटल, लाहौर में उनकी मृत्यु हो गयी थी.

सरबजीत सिंह का जीवन परिचय और परिवार – Sarabjit Singh Biography And Family :-

सरबजीत सिंह / Sarabjit Singh भिखीविंड से थे जो भारत में पंजाब के टार्न तरन जिले के इंडो-पाक बॉर्डर पर स्थित है. उन्हें रेसलिंग का काफी शौक था और वे कबूतरों का ध्यान भी रखते थे. जबकि दूसरी तरफ वे एक किसान की तरह काम करते थे. उनका विवाह सुखप्रीत कौर से हुआ था और उनकी दो बेटिया स्वपनदीप और पूनम कौर भी है. उनकी बहन दलबीर कौर, 1991 से उन्होंने छुड़ाने की कोशिश कर रही थी.

जबकि एक और महिला जिसका नाम बलजिंदर कौर था उसने स्वयं को सिंह की असली बहन बताया इससे उनके और दलबीर के रिश्तो में खटास भी आई थी. बलजिंदर के अनुसार सिंह 10 भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे और दलबीर उनकी बहन नही थी लेकिन 1989 में, दलबीर ने सभी को यह विश्वास दिलाया की वह सरबजीत की रिहाई के लिये काफी कोशिशे कर रही है. और हमने उनकी बात पर भरोसा कर लिया और उन्हें अपने परिवार में शामिल कर लिया. दलबीर ने बताया की सरबजीत की बहन होने का उनके पास कोई सबुत नही है लेकिन वे सिंह के साथ अपना डीएनए टेस्ट करवाने के लिये राज़ी थी. उन्होंने यह भी दावा किया की सरबजीत के असली भाई चरणजीत और हरभजन ने उन्हें सरबजीत की चिता को भी उन्हें छूने नही दिया, और उन्होंने यह भी कहा की लोग सिंह की मृत्यु के बाद उनसे मिलने भी नही आये थे. उन्होंने कहा की जब वे सरबजीत की रिहाई के लिये कोशिशे कर रही थी तब सरबजीत के किसी रिशेदार ने उनका साथ नही दिया था.

सरबजीत सिंह गिरफ्तारी और मुकदमा :-

सरबजीत सिंह को भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तानी आर्मी में सीमा पर करने के कसूर में पकड़ा था. लेकिन सरबजीत और उसके सहकर्मियों का ऐसा मानना था की सरबजीत सिंह शराब के नशे में गलती से पाकिस्तानी बॉर्डर में चले गये थे. उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक गरीब किसान बताया. उनकी बहन ने बताया की लापता होने के बाद तक़रीबन 9 महीनो तक उन्होंने सरबजीत को ढूंडा लेकिन उनकी कोई जानकारी नही मिली. 1 साल बाद उन्हें सिंह का एक लैटर मिला, जिसमे उन्होंने लिखा था की उन्हें मंजीत सिंह के नाम से पकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया, और वहा उनके पास उनके पहचान का कोई प्रमाणपत्र नही है, इसीलिए लाहौर पुलिस ने पाकिस्तान में हुए बम हमलो में उन्हें दोषी ठहरा दिया. और इसके लिये उन्हें सजाये मौत भी सुनाई गयी थी.

कुछ जानकारों का ऐसा मानना है की उन्हें अनधिकारिक रूप से बॉर्डर पार करने की वजह से गिरफ्तार किया गया था. लेकिन 8 दिनों बाद पाकिस्तानी पुलिस में उनपर 1990 में हुए बम हमलो का दोषी ठहरा दिया.

पाकिस्तानी अधिकारियो का ऐसा मानना है की उनका नाम मंजीत सिंह है और उसने पकिस्तान के मासूम 14 लोगो की हत्या की है, और उनका ऐसा कहना है बम धमाके करने के बाद वह भारत वापिस जा रहा था तभी पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया. बाद में पाकिस्तानी आर्मी के अत्याचारों से परेशान होकर उन्होंने उनपर लगाये दोषों को कबुल कर लिया. ये बाद में बताया गया की मंजीत सिंह पहले कनाडा में पकड़ा गया था और बाद में भारत आया था.

सरबजीत को सजाये मौत : Sarabjit Singh :-

पकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत 1991 में सरबजीत सिंह को मृत्यु की सजा सुनाई गयी थी. बाद में पाकिस्तानी हाई कोर्ट और पकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें दोषी ठहराते हुए मृत्यु की सजा सुनाई. लेकिन पाकिस्तानी आर्मी ने मार्च 2006 में उन्हें उनकी मृत्यु की सजा को आगे बढ़ा दिया. लेकिन सरबजीत सिंह ने बादमे कहा था की पकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका में रूचि ना होने की वजह से अनदेखा कर दिया था.

सरबजीत सिंह की मृत्यु – Sarabjit Singh Death :-

26 अप्रैल 2013 को तक़रीबन दोपहर के 4.30 बजे सेंट्रल जेल, लाहौर में कुछ

Saturday, 14 May 2016

प्यार से जुड़े रोचक तथ्य


नवंबर माह में सबसे ज़्यादा “I love You” बोला जाता हैं.
जब आपको किसी के प्यार में पड़ने का डर रहता है उसे “Philophobia” कहते हैं.
वैज्ञानिक सर्वे के अनुसार,एक खूबसूरत चेहरा, अच्छी बाॅडी की तुलना में ज्यादा आकर्षक माना जाता हैं.
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार किसी को गले लगाना आपके नर्वस सिस्टम में पेनकिलर की तरह असर करता हैं.
आपके ये जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया भर के 2% कपल्स अपने प्यार का इज़हार पहली बार किसी मॉल या सुपरमार्केट में करते हैं.
पूरी दुनिया में रोजाना करीब 30 लाख लोग अपने पार्टनर के साथ डेट्स पर जाते हैं.
90% पुरुष “आई लव यू” कह के अपने प्यार का इज़हार करते हैं. इसमें महिलाओं का आंकड़ा शामिल नहीं हैं, क्योंकि सामन्यतः पहल अक्सर पुरुष ही करता हैं.
अर्जेंटीना के एक किसान ने अपनी स्वर्गीय पत्नी की याद में सारी जिन्दगी एक ‘गिटार’ शेप्ड खेत में, खेती की.
प्यार में पड़ने के बाद कम से कम 2 दोस्त आपसे जरूर दूर हो जाते हैं.
Love को Denote करने के लिए “Heart Symbol” का प्रयोग सन् 1250 से हो रहा हैं.
आपका दिमाग तब कम काम करता हैं, जब आप Romantic mood में होते हैं.
दुनिया भर के जोड़ों की शादी करने वाले MATCH.COM के संस्थापक गैरी क्रीमेन की गर्लफ्रेंड उसे छोड़कर चली गयी थी. जिसके गम में उसने इस website की शुरुआत की। इससे सीख मिलती है कि बेवफाई हमेशा बर्बाद ही नहीं करती.
साधारण लोगों में Love Marriage की शुरूआत 18वीं सदी सें शुरू हुई.
कई जीव-जंतु जिन्दगीभर एक ही साथी के साथ रहते हैं. वो भी एक-साथी के नियम का पालन करते हैं.
किसी शख्स को पसंद करने में हमें सिर्फ कुछ मिनटों का समय लगता हैं. कुछ मिनट के अंतराल में ही हम ये तय कर लेते हैं कि वो शख्स अच्छा है या नहीं.
वैज्ञानिकों का मानना हैं, कि प्यार इंसान के दिमाग में एक ऐसी जगह बना लेता है जहां उसे परमसुख की अनुभुति होती हैं. ये बिल्कुल उसी तरह की फीलिंग होती हैं जैसे नशा करने ब़ाद महसूस होता हैं.
जिंदगी में प्यार की अपनी अहमियत हैं. अगर किसी की जिन्दगी में प्यार नहीं हैं तो वो अवसाद और अक़ेलेपन का शिकार हो सकता हैं.
वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि प्यार में पड़ने वाला व्यक्ति अपने काम पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाता हैं जिससे उसकी कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती हैं.
किसी से रोमांटिक रिलेशन रखना एक मानसिक बीमारी है जिसे ओब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर कहते हैं.
2014 में एरिज़ोना में एक कैदी “Valentine Day” के दिन अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए जेल से भाग गया था.
जो लोग Online प्यार में पड़ते हैं उनमें से 23 प्रतिशत जोड़े ब़ाद में जाकर विवाह कर लेते हैं.
“Erotomania” वह मानसिक स्थिति है जिसमें पड़ने वाला सोचता है कि कोई प्रसिद्ध व्यक्ति उसके प्यार में हैं.
इंटरनेट से पहले LOL का मतल़ब होता था, लोट्स ऑफ लव.

संस्कृत भाषा के बारे में रोचक तथ्य


संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है।
संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है।
अरब लोगो की दखलंदाजी से पहले संस्कृत भारत की राष्ट्रीय भाषा थी।
NASA के मुताबिक, संस्कृत धरती पर बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट भाषा है।
संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द है वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द है।
संस्कृत किसी भी विषय के लिए एक अद्भुत खजाना है। जैसे हाथी के लिए ही संस्कृत में 100 से ज्यादा शब्द है।
NASA के पास संस्कृत में ताड़पत्रो पर लिखी 60,000 पांडुलिपियां है जिन पर नासा रिसर्च कर रहा है।
फ़ोबर्स मैगज़ीन ने जुलाई,1987 में संस्कृत को Computer Software के लिए सबसे बेहतर भाषा माना था।
किसी और भाषा के मुकाबले संस्कृत में सबसे कम शब्दो में वाक्य पूरा हो जाता है।
संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियो का इस्तेमाल होता है।
अमेरिकन हिंदु युनिवर्सिटी के अनुसार संस्कृत में बात करने वाला मनुष्य बीपी, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल आदि रोग से मुक्त हो जाएगा. संस्कृत में बात करने से मानव शरीर का तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश(Positive Charges) के साथ सक्रिय हो जाता है।
संस्कृत स्पीच थेरेपी में भी मददगार है यह एकाग्रता को बढ़ाती है।
कर्नाटक के मुत्तुर गांव के लोग केवल संस्कृत में ही बात करते है।
सुधर्मा संस्कृत का पहला अखबार था, जो 1970 में शुरू हुआ था। आज भी इसका ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध है।
जर्मनी में बड़ी संख्या में संस्कृतभाषियो की मांग है। जर्मनी की 14 यूनिवर्सिटीज़ में संस्कृत पढ़ाई जाती है।
नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वो अंतरिक्ष ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तो उनके वाक्य उलट हो जाते थे. इस वजह से मैसेज का अर्थ ही बदल जाता था. उन्होंले कई भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई. आखिर में उन्होंने संस्कृत में मैसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उल्टे हो जाने पर भी अपना अर्थ नही बदलते हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि Computer द्वारा गणित के सवालो को हल करने वाली विधि यानि Algorithms संस्कृत में बने है ना कि अंग्रेजी में।
नासा के वैज्ञानिको द्वारा बनाए जा रहे 6th और 7th जेनरेशन Super Computers संस्कृत भाषा पर आधारित होंगे जो 2034 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।
संस्कृत सीखने से दिमाग तेज हो जाता है और याद करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए London और Ireland के कई स्कूलो में संस्कृत को Compulsory Subject बना दिया है।
इस समय दुनिया के 17 से ज्यादा देशो की कम से कम एक University में तकनीकी शिक्षा के कोर्सेस में संस्कृत पढ़ाई जाती है।
आपको ये रोचक तथ्य कैसे लगे कमेंट के माध्यम से जरूर बताये.

Friday, 13 May 2016

दिलिप कुमार





पूरा नाम :- मुहम्मद युसूफ खान.
जन्म :- 11 दिसम्बर 1922
जन्मस्थान :- पेशावर, पाकिस्तान
पिता :- लाला गुलाम सरवर
माता :- आयशा बेगम
विवाह :- सायरा बानो, अस्मा रहमान

दिलीप कुमार की जीवनी / Dilip Kumar Biography In Hindi

1944 में बॉम्बे टॉकीज ने प्रोड्यूस की हुई फिल्म ज्वार भाटा से उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुवात की थी. तक़रीबन 6 दशको तक उनका करियर चला और अपने करियर में उन्होंने 60 से भी ज्यादा फ़िल्मी की है. उन्होंने कई तरह की फिल्मो में काम किया है जिसमे रोमांटिक अंदाज़ (1949), साहसिक आन (1952), ड्रामेटिक देवदास (1955), कॉमिकल आजाद (1955), इतिहासिक मुग़ल-ए-आज़म (1960) और सामाजिक गंगा जमुना (1961) शामिल है.

1976 में दिलीप कुमार ने फिल्मो से पाँच साल का ब्रेक ले लिया और इतने सालो बाद अपनी नयी फिल्म क्रांति (1981) में अपने नये किरदार के साथ वापिस आये थे और इसके बाद उन्होंने शक्ति (1982), कर्मा (1986) और सौदागर (1991) में मुख्य भूमिका निभाई. उनकी अंतिम फिल्म किला (1998) थी.

दिलीप कुमार 9 फिल्मफेयर अवार्ड जीत चुके है और 1954 में बेस्ट एक्टर के लिये फिल्म फेयर जीतने वाले वे पहले कलाकार भी है.आज भी सबसे ज्यादा बार फिल्मफेयर अवार्ड जीतने का रिकॉर्ड उन्ही के नाम पर है, अपनी केटेगरी में उन्होंने 8 बार फिल्मफेयर अवार्ड जीते है. आलोचकों ने तो दिलीप कुमार को हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे महान कलाकार भी बताया था.

भारत सरकार ने उनकी उपलब्धियों को देखते हुए 1991 में उन्हें पद्म भूषण से, 1994 में दादासाहेब फालके अवार्ड से और 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था और साथ ही राज्य सभा के लिये उनका नामनिर्देशन भी किया था. पाकिस्तान सरकार ने भी 1997 में उन्हें अपने देश के सर्वोच्च पुरस्कार निशान-ए-इम्तिआज़ से सम्मानित किया था.

दिलीप कुमार का प्रारंभिक जीवन

दिलीप कुमार का जन्म युसूफ खान के नाम से हिंद्को बोलने वाले 12 बच्चो के अवान परिवार में 11 दिसम्बर 1922 को उनकी घर किस्सा खावानी बाज़ार, पेशावर में हुआ था जो आज ख्यबेर पख्तुन्खवा, पकिस्तान में आता है. उनके पिता लाला घुलाम सरवर एक धनि और फलो के व्यापारी थे. उनके पिता ने पेशावर और देओलाली (महाराष्ट्र, भारत) में बगीचा भी ख़रीदा था. दिलीप कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नाशिक के नजदीक देओलाली की प्रेस्टीजीयस बार्नेस स्कूल से ग्रहण की. 1930 के अंत में 12 सदस्यों का उनका परिवार हमेशा के लिये मुंबई स्थानांतरित हो गया था.

1940 के आस-पास जब वे एक किशोर ही थे और अपने पिता के परिवर्तन के बाद दिलीप कुमार ने अपने घर को छोड़ दिया. घर छोड़ने के बादईरानियन कैफ़े के मालक की सहायता से कुमार एक कैंटीन कांट्रेक्टर ताज मोहम्मद शाह से मिले को पेशावर के समय से ही उनके पिता के करीबी थे. अपने परिवार के बारे में बताने से पहले ही उन्हें अपने ज्ञान और अच्छी इंग्लिश बोलने की वजह से वहा जॉब मिल गयी थी. बाद में कुछ समय बाद दिलीप कुमार ने आर्मी क्लब में अपना एक छोटा सैंडविच स्टाल खोल दिया और जब कॉन्ट्रैक्ट खत्म हुआ तब तब अपने साथ 5000 रुपये लेकर वेअपने घर बॉम्बे आ गये.1942 में वे अपने पिता और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिये कुछ करना चाहते थे. तभी उनकी मुलाकात चर्चगेट पर डॉ.मसानी से हुई जिन्होंने कुमार को बॉम्बे टॉकीज, मलाड में उनके साथ आने को कहा. बॉम्बे टॉकीज़ में उनकी मुलाकात अभिनेत्री देविका रानी से हुई, जो बॉम्बे टॉकीज़ की मालक थी, उन्होंने कुमार को 1250 रुपये सालाना देने का सौदा करते हुए साईन कर लिया था. वही उनकी मुलाकात कलाकार अशोक कुमार से हुई, जो कुमार के अभिनय से काफी प्रभावित हुए थे. वही कुछ समय बाद उनकी मुलाकात सशधर मुखर्जी से हुई और वे दोनों कुछ ही सालो में एक-दुसरे के बहोत करीब आ गये थे. उर्दू भाषा में प्रभुत्व होने के कारण कुमार कहानी-लेखन में उनकी सहायता भी करते थे. तभी देविका रानी ने उन्हें अपना नाम युसूफ से बदलकर दिलीप कुमार रखने को भी कहा था और बाद में रानी ने उन्हें फिल्म ज्वार भाटा (1944) में मुख्य अभिनेता के रूप में लांच भी किया, इस फिल्म ने ही दिलीप कुमार के जीवन को नयी दिशा प्रदान की.

दिलीप कुमार का व्यक्तिगत जीवन – Dilip Kumar Personal Life

दिलीप कुमार पहले अभिनेत्री कामिनी कौशल से प्यार करते थे लेकिन उनकी शादी नही हो पायी. परिणामस्वरूप, दिलीप कुमार को बाद में अभिनेत्री मधुबाला से प्यार हुआ लेकिन दोनों के परिवारों ने उनका विरोध किया. बाद में फ़िल्मी जानकारों ने वयजंतिमाला को दिलीप कुमार का तीसरा प्यार बताया. दोनों ने ही अपने करियर में 1955 से 1968 के दरमियाँ काफी सफल फिल्मे भी दी. लेकिन अंततः 1966 में दिलीप कुमार ने अभिनेत्री सायरा बानू से शादी कर ली, जो उस समय उनसे 22 साल छोटी थी. दिलीप कुमार

Thursday, 12 May 2016

पटवारी परीक्षा में सहायक सामान्य ज्ञान


उत्तर प्रदेश राजमार्ग भू-नियंत्रण अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था – 1945
अम्बेडकर विशेष रोजगार [एवीआरवाई] के अन्तर्गत सामान्य श्रेणी लाभार्थियों के लिए उपलब्ध इकाई लागत प्रतिशतता एवं अधिकतम आर्थिक सहायता [सब्सिडी] धनराशि क्या है – 33%, 75000
दोपहर भोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत,  दोपहर  भोजन के पकाने, परोसने व उपभोग करने में स्वछता का ध्यान रखने के लिए जाँच-पड़ताल कितनी आवृत्ति पर करनी चाहिए – दैनिक
एक ग्राम पंचायत में महिलाओ के पद के लिए कितने प्रतिशत पद आरक्षित होने चाहिए – 50%
ब्रिटिश शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में भूमि पंजीकरण किस अधिकारी द्वारा किया जाता है – लेखपाल
राज्यसभा में कितनी सीटें उत्तर प्रदेश से है – 31
बीपीएल सूचियों से छुटे हुए बीपीएल परिवारों को लाभ पहुँचाने के लिए कौन-सि योजना प्रारम्भ की गई – मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना
कौन सा एक उत्तर प्रदेश राज्य के अधीनस्थ न्यायिक सेवा के रूप में कार्य करता है – बाँदा
जैव-विविधता को परिभाषित किया जाता है – किसी पर्यावरण में विभिन्न प्रजातियों की श्रेणी
हाथी दांत का पैमाना हड़प्पीय सन्दर्भ में मिला है – लोथल में
चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को किस वर्ष में पराजित किया था – 305 ई.पू.
Second बौद्ध समिति का आयोजन कहाँ हुआ था – वैशाली में
कौन से नगर का उल्लेख कनिष्क के ‘रबतक अभिलेख’ में नहीं है – चम्पा
चम्पा किस महाजनपद की राजधानी थी – अंग
कौन भारत का एकमात्र यहूदी वायसराय था – लॉर्ड रीडिंग
केरल में प्रथम साम्यवादी राज्य सरकार का गठन किया गया था – वर्ष 1957 में
हिंदी रचनाओं में कौन-सी पहले लिखी गई थी – मृगावती 1530
‘भारतीय राष्ट्रीय जैविक-विविधता प्राधिकरण’ स्थापित किया गया – 2003, चेन्नई में
किसानों के लिए ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ लाई गई है – 1998-1999 में
वाणिज्य विभाग की दीर्घकालीन दृष्टि में भारत को विश्व के व्यापार का मुख्य खिलाड़ी बनाना है – वर्ष 2020 तक
भारत में ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र [सेज] ‘ नीति घोषित की गई – अप्रैल, 2000 में
‘वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाईजेशन’ स्थित है – जेनेवा में 1 जनवरी,1995
भारत का कुल माल व्यापार का प्रतिशत जीडीपी वर्ष 2004-05 में 29.5% से बढकर वर्ष 2012-13 में कितने प्रतिशत हो गया – 6%
वर्ष 2011-12 में भारत का बाहरी व्यापार का आँकड़ा पहुँच गया लगभग – 101000 करोड़
भारत में कौन-सी वस्तु [कमोडिटी] के निर्यात अधिकतम होता है – कृषि एवं सह्बद्द उत्पाद
दो दल वाली तिलहनी फसल कौन-सी है – लोबिया
पिली [पित] क्रान्ति सम्बन्दित है – तिलहन उत्पादन से
‘राष्ट्रीय केला अनुसंधान केन्द्र’ स्थित है – त्रिची में ( केरल )
किस प्रान्त में दलहन का उत्पादन सर्वाधिक है – मध्य प्रदेश
कौन सूक्ष्म तत्व नहीं है – गन्धक
कृषि क्षेत्र का शीर्ष बैंक है – नाबार्ड
कौन-सा वितामिन शारीर में भण्डारित नहीं होता है – वितामन –c
कौन-सा वायु प्रदूषक सर्वाधिक हानिकारक है – कार्बन मोनोक्साइड
जलीय फर्न, जिसे जैव-उर्वरक के रूप में प्रयुक्त किया जीता है वह है – एजोला
अफीम प्राप्त किया जाता है – बिना पके फल के लैटेक्स से
ऑक्सीजन, जो प्रकाश-संश्लेषण उत्तपन होती है, आती है – क्लोरोफिल से
कौन फलों के पकने में बढावा देता है – एथिलीन
प्रकाश-संश्लेषण में कौन सा प्रकाश सबसे अधिक प्रभावकारी होता है – लाल
कौन से विटामिन में कोबाल्ट होता है – विटामिन B12
गोल्डन चावल एक प्रचुरतम स्रोत है – विटामिन A
दृश्य वर्णक्रम में सबसे कम तरंगदैर्ध्य वाला रंग है – बैगनी
‘एटीएम’ से तात्पर्य है – ऑटोमेटे डटेलर मशीन
सदिश कौन-सी राशी है – विस्थापन
सुमेलित कौन-सा नहीं है – कपडे धोने का सोडा-पोटेशियम
ब्रिटिश सरकार द्वारा लन्दन में भारतीय नेताओका प्रथम गोलमेज सम्मलेन कब बुलाया गया – 1930
किसने सर्वप्रथम भारत में एक पृथक मुस्लिम राज्य का प्रस्ताव रखा था – मुहम्मद इकबाल
भारतीय रास्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अध्यक्ष कोन था – W C बनर्जी
ख्वाजा मौइनुद्दीन चिस्ती शिष्य थे – ख्वाजा उस्मान हारुनी

भारत में प्रथम


भारत में प्रथम

ओलिंपिक पदक जितने वाली भारत की पहली महिला खिलाडी करणं मल्लेश्वरी हैं
भारत की पहली महिला मुख्य मंत्री सुचेता कृपलानी थी
भारत के पहले उप राष्ट्रपति सर्व पल्ली राधा कृष्णन थे
योजना आयोग के पहले अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरु थे
लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए ओश्कर पाने वाले पहले भारतीय सत्यजीत रे थे
नोबेल पुरस्कार पाने बाला पहला भारतीय नागरिक रविन्द्र नाथ टेगौर थे
भारत की ओर से छोड़ा गया पहला उपग्रह आर्य भट्ट है
भारत की पहली स्वदेशी बेलेस्टिक मिसाइल पृथ्वी -1 है
भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश एच जे कनिया थे
भारत की पहली मिस वर्ल्ड रीता फारिया थीं

geography gk in hindi


भारत का औसत समुद्र तल का मापन कहा से किया जाता है – चेन्नई
भारत की सर्वाधिक लम्बी अंतर्राष्ट्रीय सीमा किस देश के साथ है – बांग्लादेश
भारत के दक्षिण हिन्द महासागर में प्रमुख द्वीप – मालदीव
देश का दक्षिणतम बिन्दु किस अक्षांश पर स्थित है – 6’ 4 उतरी अक्षांश
सबसे बड़ा राज्य – राजस्थान
सबसे छोटा राज्य – गोवा
सबसे बड़ा केन्द्र शासित राज्य – अंडमान निकोबार द्वीप समहू
सबसे छोटा केन्द्र शासित राज्य – लक्ष्य द्वीप
सबसे बड़ा जिला – कच्छ गुजरात
सबसे छोटा जिला – माहे पांडिचेरी
देश में राज्यों की संख्या – 29
देश में कुल जिलो की संख्या – 640
देश में गाव की कुल संख्या – 641000
जनसंखया की दृष्टी से सबसे छोटा राज्य – सिक्किम
भारत का कोन सा राज्य बांग्लादेश से तीन जगह से घिरा हा – त्रिपुरा
भारत मे कर्क रेखा पर स्थित शहर कोनसा है – रांची
देश के साथ भारत का सबसे कम सीमा का विस्तार – अफगानिस्तान
ओपरेसन मेघदूत सम्बंधित था – सियाचिन ग्लेसियर से पाक सेना की वापसी से
चन्द्र भागा बीच किस राज्य में स्थित है – उड़ीसा
कर्ल्स्वर्ग कट्टक किस राज्य में कहा है – अरब सागर में
नुभ्रा नदी कहा से निकलती है – सियाचिन ग्लेसियर
बंगलौर और चेन्नई में से कोन सा शहर अधिक दक्षिण वर्ती है – बंगलौर
भारत के कितने राज्य पडोसी देशो की स्थलीय सीमाओ से जुड़े है – 17
किस क्षेत्र को भारत का ह्रदय स्थल माना जाता है – गंगा मैदान को
ये बात किस ने कही थी भारत को उप महाद्वीप कहलाने का अधिकार जितना यूरोप को – केसी
भारत का कोन सा स्थल तीन सागरों का स्थल कहलाता है – कन्याकुमारी
भारत का देशांतरिय विस्तार कितना है – 29 डिग्री 18’
इंद्रा पॉइंट को अन्य किस स्थान के नाम से जाना जाता है – पिग्मेलियन तथा पारसन पॉइंट
देश मे तहसीलों की सर्वाधिक संख्या – आंध्रप्रदेश
देश में नगरो की सर्वाधिक संख्या – तमिलनाडु
भूगोल के पिता कहा जाता है – हिकेटिउस
भारत में किस क्रम के चट्टानों मे पेट्रोलियम पदार्थ पाये जाते है – टरसीरी क्रम
कश्मीर घाटी का निर्माण किस काल में हुआ – पिल्स्तोसिन
पृथ्वी के धरातल पर सबसे व्यापक हिमनद – पिल्स्तोसिन हिमनद
दिल्ली क्रम की सेले किस क्रम की चट्टानों की बनी है – कुद्द्प्पा क्रम
भूगर्भीय दृष्टी से अंगारा लैंड व गोंडवाना लैंड का मिलन स्थल – भारतीय उपमहाद्वीप
देश की वर्तमान स्थलाकृत कब सुनिश्चित हुई है – पिल्स्तोसिन युग में
सम मे दिहांग सृज हिमालय के किस भाग का प्रतिनिधित्व करता है – शिवालिक क्रम हिमालय की
माला बार तट के विशेष अस्थाला कृत है – कयाल
दक्कन ट्रेप का निर्माण हुआ है – बेसाल्टटिय चट्टानों से
राजस्थान का तांबा ,कोबाल्ट किस समूह की शेली से प्राप्त हुआ – कुडप्पा समूह
क्रिक किसे कहते है – महासागर का स्थल में घुसा संक्रिन जलीय भाग को

Wednesday, 11 May 2016

gk 2


1. हमारे भोजन में कौन से तत्व उर्जा के मुख्य स्रोत होते है ? -- खनिज

2. पहला 'उपग्रह' सफल रूप से कब छोड़ा गया था ? -- 19 मार्च, 1973

3. इनमें से किस "विकिरण" के कारण कैंसर पैदा होता है ? -- अल्ट्रा-वॉयलट

4. कृत्रिम उपग्रह अपनी भू-स्थिरीय कक्षा की परिक्रमा में कितना समय लेता है? -- लगभग 24 घंटे

5. डा. कलाम जी का देहांत किस राज्य में हुआ ? -- मेघालय

6. कितने गृह प्रथ्वी की तुलना में सूर्य के निकट है ? -- दो

7. 'हाईड्रोजन बम्ब' किस सिद्वांत पर आधारित है ? -- नाभिकीय विखंडन

8. सौर उर्जा के सैल किसके बने होते है ? -- सोल्डर

9. "कोकरोच" (तिलचट्टे) के खून का रंग क्या होता है ? -- सफ़ेद

10. भाप चलित इंजन उर्जा को परिवर्तित करता है -- यांत्रिक उर्जा में

11. दन्तिवाड़ा बांध भारत के किस राज्य में स्थित है? --- गुजरात

12. चमेरा बांध किस नदी पर बना हुआ है? --- रावी नदी

13. चमेरा बांध भारत के किस राज्य में बना हुआ है? -- हिमाचल प्रदेश

14. भारत में सबसे लंबा बांध कौनसा है? --- टिहरी बांध (उत्तराखंड -- 260.5 m)

15. विश्व का सबसे लम्बा बांध कौन सा है? --- जिंगपिंग 1 बांध चीन (305 m )

IBPS Questions




1. प्राचीन काल में मानव द्वारा सर्वप्रथम किस अनाज का प्रयोग हुआ? -- चावल का
Answer: अफ़ग़ानिस्तान

02. किस हार्मोन के स्त्रावित होने से हृदय गति बढ़ जाती है तथा उत्तेजना का अनुभव होने लगता है?
A) इन्सुलिन
B) ऐड्रिनलिन
C) कोर्टिसोन
D) वेसोप्रेसिन
उत्तर: ऐड्रिनलिन

3. कौन-सा मकबरा द्वितीय ताजमहल कहलाता है? -- बीबी का मकबरा
Which Makbara in India is known as Second Tajmahal? -- Bibi ka Makbara

4. सन् 1919-20 के दरभंगा आन्दोलन के नेता कौन थे? -- स्वामी विठ्ठानन्द
Who was the leader of Darbhanga Movement in 1919-20? --Swami Vitthanand

5. घूमर किस राज्य का सर्वप्रमुख लोकनृत्य है? -- राजस्थान का
उत्तर: Ghoomar is the main folk dance of which state of India? -- Rajasthan

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IBPS GK Questions in Hindi

06. गर्म रुधिर वाले जन्तु वे होते हैं जो अपने शरीर के तापक्रम को -
A) वातावरण के तापक्रम से नीचा रखते हैं
B) वातावरण के तापक्रम से ऊँचा रखते हैं
C) हमेशा एक सा बनाये रखते हैं
D) वातावरण के तापक्रम के बराबर बनाये रखते हैं
उत्तर: हमेशा एक सा बनाये रखते हैं

07 .किस प्रदेश में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध बिरसा मुंडा का संचालन हो रहा था?
A) पंजाब
B) मणिपुर
C) तराय
D) छोटा नागपुर
उत्तर: छोटा नागपुर

08 . ‘हितोपदेश’ के रचयिता कौन हैं? -- नारायण पंडित
Who is author of Hitopadesh? -- Narayan Pandit

Tuesday, 10 May 2016

अज़हर





पूरा नाम –मोहम्मद अजहरुद्दीन
जन्म – 8 फरवरी , 1963
जन्मस्थान – हैदराबाद
पिता –मोहम्मद अजीजुद्दीन
माता –यूसुफ सुल्ताना

क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन की कहानी – Mohammad Azharuddin

मोहम्मद अजहरुद्दीन / Mohammad Azharuddin भुतपूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और राजनेता है. वे एक बेहतरीन बल्लेबाज थे और 1990 में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी भी की है. उनकी उपलब्धियों को देखते हुए 1986 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

2000 में अजहरुद्दीन को मैच-फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया गया और जीवन पर्यन्त BCCI ने उनपर बैन (प्रतिबन्ध) लगा दिया. 8 नवंबर 2012 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने उनके बैन को अकायम बताते हुए लिफ्ट कर दिया.

मोहम्मद अजहरुद्दीन का प्रारंभिक जीवन / Early Life Of Mohammad Azharuddin –

मोहम्मद अजहरुद्दीन का जन्म 8 फरवरी 1963 को हैदराबाद, तेलंगना राज्य में हुआ था. अजहर बचपन से ही हैदराबाद में ही बडे हुए और आल सेंट हाई स्कूल, हैदराबाद में उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की. उस स्कूल में क्रिकेट का प्रशिक्षण काफी अच्छी तरह से दिया जाता था. क्रिकेट खेलते समय ही वे निजाम कॉलेज, ओस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद, तेलंगना से बैचलर ऑफ़ कॉमर्स में ग्रेजुएट हुए.

परीवार और वैयक्तिक जीवन / Mohammad Azharuddin Family & Personal Life

अजहर का पहला विवाह नौरीन से हुआ, उन्हें दो बच्चे असद और अयाज़ भी हुए और लेकिन विवाह के 9 साल बाद ही उनका तलाक हो गया. बाद में उन्होंने मॉडल-एक्टर संगीता बिजलानी से 1996 में दूसरा विवाह कर लिया. उनकी जोड़ी भी 2010 में अलग हो गयी. तभी भुतपूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाडी ने दिल्ली की शन्नो मेरी तलवार से तीसरा विवाह कर लिया जो असल में लॉस एंगेल्स, US से थी.

16 सितम्बर 2011 को उनके बेटे अयाजुद्दीन का एक रोड एक्सीडेंट में सिर्फ 19 साल की उम्र में ही देहांत हो गया.

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर-

अपने पहले टेस्ट से ही लगातार 3 शतक मारकर उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुवात की थी. भारतीय क्रिकेट टीम के वे मिडिल आर्डर बल्लेबाज थे, पहले 3 टेस्ट में लगातार 3 शतक मारकर जल्द ही अजहरुद्दीन ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति हासिल कर ली. एक क्रिकेटर के रूप में वे अपनी बैटिंग स्टाइल के लिये जाने जाते थे. एक प्रसिद्ध क्रिकेट राइटर जॉन वुडकॉक ने अपने लेखो में उनकी काफी तारीफ भी की थी और साथ ही यह भी कहा था की इससे बेहतरीन क्रिकेट डेब्यू उन्होंने कभी नही देखा. उस समय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ और सिर्फ मोहम्मद अजहरुद्दीन की ही चर्चा हो रही थी.

कप्तानी-

1990 के समय में अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे. वे भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक है जिन्होंने भारत को उनके कप्तानी में 90 वन-डे मैचों में जीत दिलवायी. बाद में उनकी इस उपलब्धि को 2 सितम्बर 2014 को महेन्द्रसिंह धोनी ने इंग्लैंड को हराकर पार किया और वन-डे मैचों में भारत के सबसे सफल कप्तान बने. उन्होंने भारत को 14 टेस्ट मैचों में भी जीत दिलवायी लेकिन बाद में उनके इस रिकॉर्ड को सौरव गांगुली ने तोडा, सौरव ने भारत को 21 टेस्ट मैचों में जीत दिलवायी.

हाइलाइट्स-

अजहरुद्दीन ने अपने टेस्ट क्रिकेट में कुल 22 शतक, 45 के एवरेज से और 7 वन-डे शतक 37 के एवरेज से लगाये थे. और आज भी डेब्यू करते समय लगातार तीन टेस्ट में तीन शतक लगाने वाले वे पहले बल्लेबाज है. एक फील्डर के रूप में उन्होंने 156 कैच वन-डे क्रिकेट में पकडे है. उनका सर्वोत्तम टेस्ट स्कोर 199 है जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ मारे थे और 1991 में उनका नाम विज़डन क्रिकेटर ऑफ़ द इयर में शामिल किया गया था.

मैच फिक्सिंग विवाद-

अपने करियर के अंतिम दिनों में अजहरुद्दीन मैच फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाये गये और दोषी पाये जाने की वजह से उन्हें बैन भी किया गया था. साउथ अफ्रीकन कप्तान हंसी क्रोंजे ने उनपर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था, तभी भारतीय सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया. तभी 2000 में ICC और BCCI ने अजहरुद्दीन को बैन किया. 2006 में BCCI ने अजहरुद्दीन पर लगे बैन को अकालीन बताया.
8 नवंबर 2012 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के बैन को इम्पोज़ (Imposed) कर दिया था, बाद में अपने दिल्ली के घर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलवाकर उन्होंने कहा था की “यह केस काफी लंबे समय तक चलने वाला केस था और दर्द से भरा हुआ भी था. हम 11 साल तक कोर्ट में लड़ते रहे. इस दौरान केस में काफी बदलाव भी हुए, और अंत में सच्चाई सामने आई और अब मै खुश हु की कोर्ट ने बैन को लिफ्ट (Lifted) कर दिया है.”

राजनैतिक करियर-

19 फ़रवरी 2009 को अजहरुद्दीन भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में शामिल हुए थे. उसी साल उन्होंने कांग्रेस में रहते हुए 200

Saturday, 7 May 2016

अल्बर्ट आयन्सटिन


पूरा नाम      – अल्बर्ट हेर्मन्न आइंस्टीन.
जन्म           – 14 मार्च 1879.
जन्मस्थान  – उल्मा (जर्मनी).
पिता            – हेर्मन्न आइंस्टीन.
माता            – पौलिन कोच.
शिक्षा           – * स्विट्जरलैड में उन्होंने अपनी शिक्षा प्रारंभ  की.
* ज्युरिच के पॉलिटेक्निकल अकादमी में चार साल बिताये.
* 1900 में स्तानक की उपाधि ग्रहण कर स्वीटजरलैड का नागरिकता का स्वीकार कर ली.
* 1905 में आइंस्टीन ने ज्युरिंच विश्वविद्यालय से P.H.D. की उपाधि प्राप्त की.
विवाह        –  दो बार (मरिअक के साथ). दूसरा एलिसा लोवेंन थाल.

Albert Einstein Biography In Hindi

1905 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने वैज्ञानिक शोधों के आधार पर लेख प्रकाशित किये और प्रसिद्ध सापेक्षता के सिध्दान्त (Theories of Relativety) दिये. अपने इस काम के कारण अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein नाम संपूर्ण युरोप के भौतिकी वैज्ञानिकों में फ़ैल गया. आइंस्टीन अब पहले स्विट्जरलैंड, फिर प्राग के जर्मनी विश्वविद्यालय और सन 1912 में ज्युरिच के पॉलीटेकनिक में प्रोफेसर हो गये थे. सन 1914 में उन्होंने बर्लिन स्थित प्रुसियन अकादमी ऑफ़ साइंस में नियुक्ति ले ली थी.

अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति नवम्बर, 1919 में मिली जब रॉयल सोसायटी ऑफ़ लंदन ने उनके सिद्धांतो को मान्यता प्रदान की. इसके बाद सन 1921 तक सारे युरोप में घूम कर अपने विचार बुद्धिजीवियों के सामने रखे. अगले तीन वर्ष उन्होंने विश्व भ्रमण किया और अपने सिद्धांतो से लोगोंको अवगत कराया. सन 1921 में आइन्स्टीन को भौतिक के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य करने के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. सन 1933 में आइंस्टीन ने जर्मनी की नागरिकता छोड़ दी. वे बाद में प्रिंसंटन (अमेरिका) में रहने लगे.

मानव इतिहास के जाने-माने बुद्धिजीवी अल्बर्ट आइंस्टीन 20 वीं सदि के प्रारंभिक बीस वर्षों तक विश्व के विज्ञान जगत पर छाए रहे. अपनी खोजों के आधार पर उन्होंने अंतरिक्ष, समय और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत दिये.

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा / Albert Einstein Early Life And Education :

अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 में जर्मनी में वुतटेमबर्ग के यहूदी परिवार में हुआ. उनके पिता हरमन आइंस्टीन एक इंजिनियर और सेल्समन थे जबकि उनकी माता पोलिन आइंस्टीन थी. 1880 में, उनका परिवार म्यूनिख शहर चला गया जहा उनके पिता और चाचा ने Elektrotechnische Fabrik J. Einstein & Co. नामक कंपनी खोली. कंपनी बिजली के उपकरण बनाती थी और इसने म्यूनिख के Oktoberfest मेले में पहली बार रौशनी का इंतजाम भी किया था.

अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein परिवार यहूदी धार्मिक परम्पराओ को नहीं मानता था और इसीलिए आइंस्टीन कैथोलिक विद्यालय में पढने के लिए गये. लेकिन बाद में 8 साल की उम्र में वे वहा से स्थानांतरित होकर लुइटपोल्ड जिम्नेजियम (जिसे आज अल्बर्ट आइंस्टीन जिम्नेजियम के नाम से जाना जाता है) गये, जहा उन्होंने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा ग्रहण की, वे वहा अगले 7 सालो तक रहे, जब तक उन्होंने जर्मनी नहीं छोड़ी.

1894 में, उनके पिता की कंपनी असफल हुई : जिसमे डायरेक्ट करंट (DC) ने अल्टरनींग करंट (AC) छोड़ना बंद कर दिया था. और एक व्यापार की तलाश में, आइंस्टीन का परिवार इटली चला गया. इटली में वे पहले मिलन में रहने लगे और फिर बाद में पाविया गये. जब उनका परिवार में पाविया में रह रहा, तब आइंस्टीन मूनिच में ही अपनी पढाई पूरी कर रहे थे. उनके पिता आइंस्टीन को एक इलेक्ट्रिकल इंजिनियर बनाना चाहते थे, लेकिन अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein को वे जिस स्कूल में पढ़ रहे थे वहा की पढ़ाने की प्रणाली बिलकुल भी पसंद नहीं थी. इसलिए बाद में उन्होंने खुद ही रचनात्मक सुविचारो को लिखना शुरू किया. दिसम्बर 1894 के अंत में, अपने पाविया के परिवार में शामिल होने के लिए उन्होंने इटली की यात्रा करना प्रारंभ किया. उन्होंने झूट बोलकर अपनी स्कूल में डॉक्टर की चिट्ठी दिखाकर छुट्टी ले रखी थी. इटली की यात्रा करते समय उन्होंने “State of Ether in a Magnetic Field” की खोज पर एक छोटा सा निबंध लिखा.

1895 में इंस्टें ने 16 साल की उम्र में स्विस फ़ेडरल पॉलिटेक्निक, जुरिच की एंट्रेंस परीक्षा दी, जो बाद में Edigenossische Technische Hochschule (ETH) के नाम से जानी जाती थी. भौतिकी और गणित के विषय को छोड़कर बाकी दुसरे विषयो में वे पर्याप्त मार्क्स पाने में असफल हुए. और अंत में पॉलिटेक्निक के प्रधानाध्यापक की सलाह पर वे आर्गोवियन कैनटोनल स्कूल, आरु, स्विट्ज़रलैंड गये. 1895-96 में अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा उन्होंने वही से पूरी की. जब वे अपने परिवार के साथ कुछ दिनों तक रह रहे थे तभी उन्हें विन्टेलेर की बेटी मैरी से प्रेम हुआ

जनवरी 1896 में उनके पिता के आदेश पर उन्होंने फिर से जर्मन नागरिकता स्वीकार की. सितम्बर 1896 में, उन्होंने स्विस की परीक्षा पास की और इस समय उन्हें अच्छे ग्रेड मिले थे, जिनमे भौतिकी और गणित में वे टॉप 6 में से एक थे. फिर जुरिच पॉलिटेक्निक में उन्होंने 4 साल का गणित और भौतिकी का डिप्लोमा पूरा किया. जहा मैरी विन्टेलेर ओल्सबर्ग, स्विट्ज़रलैंड चली गयी.

अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein की भविष्य की पत्नी मीलेवा मारीक (Mileva Maric) ने भी उसी साल पॉलिटेक्निक में एडमिशन ले रखा था. गणित और भौतिकिशास्त्र के 6 विद्यार्थियों में से वो अकेली महिला थी. और कुछ ही सालो में मारिक और आइंस्टीन की दोस्ती, प्यार में बदल गयी. बाद में वे लम्बे समय तक साथ में रहने लगे, साथ में पढने लगे और आइंस्टीन को भी उनमे बहोत दिलचस्पी आने लगी थी. 1900 में, आइंस्टीन को जुरिच पॉलिटेक्निक डिप्लोमा से पुरस्कृत किया गया लेकिन मारिक को गणित में कम ग्रेड होने की वजह से वह फेल हो गयी. ऐसा कहा जाता है की मारिक ने परीक्षा के दौरान आइंस्टीन की असंवेधानिक तरीके से सहायता की थी, लेकिन इसके कोई सबूत हमें इतिहास में नहीं दिखाई देते है.

कहा जाता है की अच्छी संगती और अच्छे विचार इंसान की प्रगति का द्वार खोल देते है. ये दोनों ही हमारे जीवन में बहोत मायने रखते है. अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein का हमेशा से यही मानना था की हम चाहे कोई छोटा काम ही क्यू ना कर रहे हो, हमें उस काम को पूरी सच्चाई और प्रमाणिकता के साथ करना चाहिये. तबी हम एक बुद्धिमान व्यक्ति बन सकते है.

अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein Brain के बारे मै रोचक तथ्य :-
* अल्बर्ट आइंस्टीन अपने दिमाग में ही शोध का विजुअल प्रयोग कर खाका तैयार कर लेते थे। यह उनके लेबोरेट्री प्रयोग से ज्यादा सटीक होता था.
* एक पैथोलॉजिस्ट ने आइंन्स्टीन के शव परीक्षण के दौरान उनका दिमाग चुरा लिया था। उसके बाद वह 20-22 साल तक एक जार में बंद रहा.

अल्बर्ट आइंस्टीन सुविचार / Albert Einstein Quotes :-

Quote – दो चीजें अनंत हैं: ब्रह्माण्ड और मनुष्य कि मूर्खता; और मैं ब्रह्माण्ड के बारे में दृढ़ता से नहीं कह सकता।
Quote – जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की।
Quote – ईश्वर के सामने हम सभी एक बराबर ही बुद्धिमान हैं-और एक बराबर ही मूर्ख भी।

अल्बर्ट आइंस्टीन पुरस्कार / Albert Einstein Awards :
1) भौतिका नोबेल पुरस्कार (1921).
2) Matteucci medal (1921).
3) Copley medal (1925).
4) Max planck medal (1929).
5) Time person of the century (1999).

अल्बर्ट आइंस्टीन मृत्यु / Albert Einstein Death :– 18 अप्रैल, 1955 को उनकी मृत्यु प्रिंसटन अस्पताल में हुई.





SSC तैयारी


1. काला सोना किसे कहा जाता है? --कोयला को

2. महावीर का मुल नाम था? -- वर्धमान

3. रावण के पिता थे ? -- विश्रवा

4. चीन की राजधानी कहाँ है ? -- बीजिँग

5. सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद कौनसा धर्म अपना लिया ? -- बौद्ध

6. डूरंड कप किस खेल से संबंधित है? -- फुटबॉल

7. 'तुती-ए-हिन्द' (हिन्द का तोता) किसे कहा जाता था? -- अमीर खुसरो

8. सबसे अधिक कोयला किस राज्य मेँ है ? -- झारखण्ड

9. काकोरी कहाँ स्थित है ? -- उतर प्रदेश

10. गुरुनानक का जन्म कंहा हुआ था ? -- तलवंडी



1. सबसे हल्की धातु कौन सी है? -- लिथियम

2. सबसे भारी धातु कौन सी है? -- ओसमियम

3. सबसे कठोर पदार्थ कौन सा है? -- हीरा

4. जल का शुद्ध रूप कौन सा है ?- वर्षा का जल

5. सबसे कठोर धातु कौन सी है? -- प्लेटिनम

6. सबसे उत्तम कोयला है -- एन्थ्रासाइट

7. मार्श गैस कौन सी गैस कहलाती है? - मीथेन

8. नोबेल गैस कहलाता है - हीलियम

9. विधुत धारा मापी जाती है - एममीटर से

10. पारा का प्रमुख अयस्क है - सिनेबार

Thursday, 5 May 2016

दुनिया मेरी नजर से


भारत – एक ऐसा देश जिसने कई चीज़ों के मायनों को नया आयाम दिया है। आधुनिक काल में “सेक्यूलर” शब्द को भी नया आयाम दे दिया गया है। इसका अर्थ अब धर्म निर्पेक्ष होना नहीं रहा वरन्‌ केवल एक खास धर्म की ओर ध्यान देना है। वर्ना क्या कारण है कि कभी किसी “सेक्यूलर” नेता द्वारा दीपावली/होली या लोहड़ी/बैसाखी या क्रिसमस/ईस्टर आदि की दावत नहीं दी जाती लेकिन इफ़्तार पार्टी देने की सभी में होड़ लगी हुई होती है।

अब माननीय राष्ट्रपति जी भी इफ़्तार पार्टी देने जा रहे हैं? क्या पिछली दुर्गा पूजा पर पार्टी दी थी? दीपावली पर? क्रिसमस भी निकल गया और अभी अप्रैल में ईस्टर भी निकल गया। मुझे तो ध्यान नहीं कि टैक्सपेयर्स (tax payers) के खर्चे पर कोई दावत हुई हो!

जब सिर्फ़ एक धर्म विशेष को ही अपीज़ (appease) करना उद्देश्य है तो मेरे ख्याल से सभी टैक्स आदि भी उसी धर्म विशेष के लोगों से लिए जाने चाहिए, क्यों बाकी लोगों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई किसी एक तबके पर खर्च की जाए।

और यदि सरकारें आदि धर्मनिर्पेक्ष है तो उनको धर्मनिर्पेक्ष वास्तविक मायनों में रहना चाहिए। सरकारी खर्चे पर कोई धर्म संबन्धित कार्य नहीं होने चाहिए, चाहे पूजा-हवन आदि हो या दावत हो या फिर आरक्षण अथवा छात्रवृत्ति (scholarship) हो। सरकार सभी की होती है, किसी धर्म विशेष की नहीं, तो किसी धर्म विशेष पर अधिक ध्यान देना उचित नहीं।

व्यक्ति विशेष

दोस्तों इंटरनेट पर सूचनाओं जंजाल पड़ा ह लेकिन हिंदी में नही होने के कारन हम पढ़।  नही  पाते तो मेरा यह प्रयास ह आप तक जानकारी हिंदी में मुहिया करने का धन्यवाद
  नरेन्द्र मोदी का जन्म तत्कालीन बॉम्बे राज्य के महेसाना जिला स्थित वडनगर ग्राम में हीराबेन मोदी और दामोदरदास मूलचन्द मोदी के एक मध्यम-वर्गीय शाकाहारी परिवार में 17 सितंबर 1950 को हुआ। भारत-पाकिस्तान के बीच द्वितीय युद्ध के दौरान किशोरावस्था में उन्होंने स्वेच्छा से रेलवे स्टेशनों पर सफ़र कर रहे सैनिकों की सेवा की।



युवावस्था में वह छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी नवनिर्माण आन्दोलन में हिस्सा लिया। एक पूर्णकालिक आयोजक के रूप में कार्य करने के पश्चात् उन्हें भारतीय जनता पार्टी में संगठन का प्रतिनिधि मनोनीत किया गया। किशोरावस्था में अपने भाई के साथ एक चाय की दुकान चला चुके मोदी ने अपनी स्कूली शिक्षा वड़नगर में पूरी की। उन्होंने आरएसएस के प्रचारक रहते हुए 1980 में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर परीक्षा दी और मास्टर डिग्री प्राप्त की।

अपने माता-पिता की कुल छ: संतानों में तीसरे पुत्र नरेन्द्र ने बचपन में रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में अपने पिता का हाथ बटाया। वडनगर के ही एक स्कूल मास्टर के अनुसार नरेन्द्र हालांकि एक औसत दर्ज़े का छात्र था, लेकिन वाद-विवाद और नाटक प्रतियोगिताओं में उसकी बेहद रुचि थी। इसके अलावा उसकी रुचि राजनीतिक विषयों पर नयी-नयी परियोजनाएं प्रारम्भ करने की भी थी।

13 वर्ष की आयु में नरेन्द्र की सगाई जसोदा बेन चमनलाल के साथ कर दी गई और जब उनका विवाह हुआ, वह मात्र 17 वर्ष के थे। उनकी शादी जरूर हुई परंतु वे दोनों एक साथ कभी नहीं रहे। शादी के कुछ बरसों बाद नरेन्द्र मोदी ने घर त्याग दिया।

राजनीतिक जीवन

नरेन्द्र जब विश्वविद्यालय के छात्र थे तभी से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में नियमित जाने लगे थे। इस प्रकार उनका जीवन संघ के एक निष्ठावान प्रचारक के रूप में प्रारम्भ हुआ। उन्होंने शुरुआती जीवन से ही राजनीतिक सक्रियता दिखलाई और भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत करने में प्रमुख भूमिका निभाई। गुजरात में शंकरसिंह वाघेला का जनाधार मजबूत बनाने में नरेन्द्र मोदी की ही रणनीति थी।



अप्रैल 1990 में जब केन्द्र में मिलीजुली सरकारों का दौर शुरू हुआ, मोदी की मेहनत रंग लाई, जब गुजरात में 1 1995 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने बलबूते दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर सरकार बना ली। इसी दौरान दो राष्ट्रीय घटनाएं और इस देश में घटीं। पहली घटना थी सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक की रथयात्रा जिसमें आडवाणी के प्रमुख सारथी की भूमिका में नरेन्द्र का मुख्य सहयोग रहा। इसी प्रकार कन्याकुमारी से लेकर सुदूर उत्तर में स्थित काश्मीर तक की मुरली मनोहर जोशी की दूसरी रथयात्रा भी नरेन्द्र मोदी की ही देखरेख में आयोजित हुई। इसके बाद शंकरसिंह वाघेला ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया, जिसके परिणामस्वरूप केशुभाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया और नरेन्द्र मोदी को दिल्ली बुला कर भाजपा में संगठन की दृष्टि से केन्द्रीय मंत्री का दायित्व सौंपा गया।

1995 में राष्ट्रीय मंत्री के नाते उन्हें 5 प्रमुख राज्यों में पार्टी संगठन का काम दिया गया जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। 1998 में उन्हें पदोन्नत करके राष्ट्रीय महामन्त्री (संगठन) का उत्तरदायित्व दिया गया। इस पद पर वह अक्टूबर 2001 तक काम करते रहे। भारतीय जनता पार्टी ने अक्टूबर 2001 में केशुभाई पटेल को हटाकर गुजरात के मुख्यमंत्री पद की कमान नरेन्द्र मोदी को सौंप दी।

नरेन्द्र मोदी अपनी विशिष्ट जीवन शैली के लिए समूचे राजनीतिक हलकों में जाने जाते हैं। उनके व्यक्तिगत स्टाफ में केवल तीन ही लोग रहते हैं, कोई भारी-भरकम अमला नहीं होता। लेकिन कर्मयोगी की तरह जीवन जीने वाले मोदी के स्वभाव से सभी परिचित हैं इस नाते उन्हें अपने कामकाज को अमली जामा पहनाने में कोई दिक्कत पेश नहीं आती।

वे एक लोकप्रिय वक्ता हैं, जिन्हें सुनने के लिये बहुत भारी संख्या में श्रोता आज भी पहुंचते हैं। कुर्ता-पायजामा व सदरी के अतिरिक्त वे कभी-कभार सूट भी पहन लेते हैं। अपनी मातृभाषा गुजराती के अतिरिक्त वह राष्ट्रभाषा हिन्दी में ही बोलते हैं।

मोदी के नेतृत्व में 2012 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। भाजपा को इस बार 115 सीटें मिलीं।




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Wednesday, 4 May 2016

About Railway


भारत में रेलों का इतिहास अप्रैल 1853 से शुरू होता है। देश में पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। इस ट्रेन में 14 बोगीयों को खींचने के लिए 3 इंजन लगाए गए थे।इस ट्रेन के लिए पटरी भी दो भारतीयों जगन्नाथ शंकरसेठ और जमशेदजी जीजीभाई ने बिछवाई थी। जगन्नाथ सेठ ने इस ट्रेन में सफर भी तय किया था।
आज भारतीय रेलवे में हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारतीय रेलों में शुरू में टॉयलेट नहीं हुआ करते थे। वर्ष 1909 में पैसेंजर ट्रेन से सफर कर रहे एक यात्री ओखिल चंद्र सेन ने साहिबगंज रेल डिविजन ऑफिस को पत्र लिखकर अपनी असुविधा के बारे में बताया जिसके बाद ब्रिटिश शासन ने ट्रेनों में टॉयलेट की शुरूआत की। इसके बाद पूरे विश्व की ट्रेनों में टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई। -
भारतीय रेलवे ट्रेक की कुल लंबाई लगभग 115,000 किलोमीटर है जिसके दम पर भारतीय रेलवे अमरीका, चीन और रूस के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है। भारतीय रेलवे में लगभग 16 लाख लोग कार्य करते हैं। इस तरह यह दुनिया का 9वां सबसे बड़ा एंप्लायर है।
भारतीय ट्रेनों द्वारा एक दिन में तय किया गया कुल दूरी इतना लंबा है कि इसकी धरती से चांद के बीच की दूरी से तुलना की जाए तो भारतीय रेलवे द्वारा तय किए गए कुल सफर की लंबाई पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच की कुल लंबाई की कम से कम साढ़े तीन गुना अधिक है। यही नहीं भारतीय ट्रेनों में प्रतिदिन 2.5 करोड़ लोग यात्रा करते हैं। यह जनसंख्या ऑस्ट्रेलिया की कुल जनसंख्या के बराबर बैठती है। भारत में छोटे-बड़े कुल मिलाकर 7,500 रेल्वे स्टेशन हैं। - उत्तरप्रदेश के लखनऊ का चारबाग स्टेशन अन्य रेल स्टेशनों से अलग अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है।इसके अतिरिक्त नई दिल्ली के मेन स्टेशन का नाम दुनिया के सबसे बड़े रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम के लिए गिनिज बुक ऑफ रिकॉर्डस में भी दर्ज किया गया है।विश्व का सबसे लंबे प्लेटफॉर्म का रिकॉर्ड भी भारतीय रेलवे के ही नाम है। उत्तरप्रदेश के गोरखपुर स्थिति स्टेशन प्लेटफॉर्म की लंबाई 1366.33 मीटर है। -

Railway gk


भारत में पहली रेल कहाँ से कहाँ तक चली?
- बम्बई (वर्तमान मुंबई) से थाने तक
3. भारत में पहली बार मेट्रो रेल सेवा किस
नगर में आरम्भ की गई? - कोलकाता
4. रेल इन्जिन के आविष्कारक कौन हैं? -
जॉर्ज स्टीफेंसन
5. भारतीय रेल का “व्हील एंड एक्सल”
प्लांट कहाँ है? - बेंगलोर में
6. भारत में रेल का आरम्भ किस सन में हुआ? -
1853
7. भारत के दक्षिण के अंतिम बिन्दु पर कौन
सा रेलवे स्टेशन है? - कन्या कुमारी
8. भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण कब हुआ?
- 1950
9. भारत में सबसे लंबी दूरी तय करने
वाली रेल कौन सी है? - विवेक एक्सप्रेस
(डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी)
10. भारत का पहला रेलवे स्टेशन कौन सा है?
- छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, मुंबई
11. भारत में सबसे तेज़ चलनेवाली गाड़ी कौन सी है?
-शताब्दी एक्सप्रेस
12. रेलवे बोर्ड की स्थापना कब की गयी ?
- 1905 में
13. भारतीय रेलवे का राष्ट्रीयकरण कब
किया गया?
- 1950
14. ब्राड गेज रेलवे लाइन की चौड़ाई
कितनी होती है? - 1.676 मीटर
15. भारत की प्रथम
रेलगाड़ी द्वारा कितनी दूरी तय
की गयी? - 34 किमी
16. भारत में चलने वाली पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन
कौन सी है? - डेक्कन क्वीन (कल्याण से पुणे)
17. जीवन रेखा एक्सप्रेस (Life Line
Express) किस वर्ष आरम्भ हुई? - 1991 में
18. भारत की सबसे लंबी रेलवे टनल कौन
सी है? - पीर पंजाल (बेनिहल रेलवे टनल)
19. सबसे लंबी रेलवे प्लेटफॉर्म कहाँ है? -
गोरखपुर में
20. भारत और बांग्लादेश के बीच चलने
वाली रेल कौन सी है? - मैत्री एक्सप्रेस

gk 1


1. कोलायल लिफ्ट नहर का परिवर्तित नाम क्या है।
 - डॉ. करणीसिंह लिफ्ट नहर
2. बरकतुल्ला खां नहर का परिवर्तित नाम क्या है।
 - बाबा रामदेव नहर
3. झालावाड़ स्टेडियम का परिवर्तित नाम है।
 -राजमाता विजयाराजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल
4. युन्नान का पठार स्थित है।
 - चीन में
5. डार्लिग है।
 - नदी
6. खोई और बुशमैन जनजाति का संबंध है।
 - अफ्रीका
7. बेबा है।
 - लकड़ी का छोटा मंदिर
8. बच्छावतों की हवेली कर्णसिंह बच्छावत ने कहां बनाई।
 - बीकानेर
9. किन शिल्पकारों ने नथमल की हवेली का निर्माण किया।
 - हाथी और लालू
10. ‘त्याग भूमि’ नामक समाचार पत्र का संपादन किया।
 - हरिभाऊ उपाध्याय
11. उत्खनात स्थालाकृति का संबंध किस संभाग से है
 - भरतपुर
12. भारतीय मूल के किस आर्किटेक्ट द्वारा लंदन में होने वाले ओलम्पिक (2012) की प्रतिकात्मक इमारत बनाई जा रही है।
 - अनीस कपूर
13. चीन द्वारा पाकिस्तान के किस क्षेत्र में 650 मेगावाट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र बनाने का निर्णय लिया गया।
 - चश्मा
14. राजस्थान में प्रत्येक जिले के सहकारी बैंक का नाम है।
 - केंद्रीय सहकारी बैंक
15. दीपावास बांध किस जिले में स्थित है।
 - सीकर
16. जिनभद्रसूरी ग्रन्थ भंडार किस दुर्ग में है।
 - जैसलमेर दुर्ग
17. चंद्रसेन जिसने राणा सांगा की खानवा युद्ध में मदद की थी उसका संबंध किस राजपरिवार से है।
 - कछवाह
18. जयपुर फुट का संबंध है।
 - डा. पीके सेठी
19. मातुराम वर्मा द्वारा निर्मित मूर्तियां कहां देखी जा सकती हैं।
 - पंचवटी
20. खेतड़ी महल का निर्माण करवाया था।
 - भोपालसिंह

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 1. कोलायल लिफ्ट नहर का परिवर्तित नाम क्या है।
 - डॉ. करणीसिंह लिफ्ट नहर
2. बरकतुल्ला खां नहर का परिवर्तित नाम क्या है।
 - बाबा रामदेव नहर
3. झालावाड़ स्टेडियम का परिवर्तित नाम है।
 -राजमाता विजयाराजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल
4. युन्नान का पठार स्थित है।
 - चीन में
5. डार्लिग है।
 - नदी
6. खोई और बुशमैन जनजाति का संबंध है।
 - अफ्रीका
7. बेबा है।
 - लकड़ी का छोटा मंदिर
8. बच्छावतों की हवेली कर्णसिंह बच्छावत ने कहां बनाई।
 - बीकानेर
9. किन शिल्पकारों ने नथमल की हवेली का निर्माण किया।
 - हाथी और लालू
10. ‘त्याग भूमि’ नामक समाचार पत्र का संपादन किया।
 - हरिभाऊ उपाध्याय
11. उत्खनात स्थालाकृति का संबंध किस संभाग से है
 - भरतपुर
12. भारतीय मूल के किस आर्किटेक्ट द्वारा लंदन में होने वाले ओलम्पिक (2012) की प्रतिकात्मक इमारत बनाई जा रही है।
 - अनीस कपूर
13. चीन द्वारा पाकिस्तान के किस क्षेत्र में 650 मेगावाट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र बनाने का निर्णय लिया गया।
 - चश्मा
14. राजस्थान में प्रत्येक जिले के सहकारी बैंक का नाम है।
 - केंद्रीय सहकारी बैंक
15. दीपावास बांध किस जिले में स्थित है।
 - सीकर
16. जिनभद्रसूरी ग्रन्थ भंडार किस दुर्ग में है।
 - जैसलमेर दुर्ग
17. चंद्रसेन जिसने राणा सांगा की खानवा युद्ध में मदद की थी उसका संबंध किस राजपरिवार से है।
 - कछवाह
18. जयपुर फुट का संबंध है।
 - डा. पीके सेठी
19. मातुराम वर्मा द्वारा निर्मित मूर्तियां कहां देखी जा सकती हैं।
 - पंचवटी
20. खेतड़ी महल का निर्माण करवाया था।
 - भोपालसिंह