Tuesday, 10 May 2016

अज़हर





पूरा नाम –मोहम्मद अजहरुद्दीन
जन्म – 8 फरवरी , 1963
जन्मस्थान – हैदराबाद
पिता –मोहम्मद अजीजुद्दीन
माता –यूसुफ सुल्ताना

क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन की कहानी – Mohammad Azharuddin

मोहम्मद अजहरुद्दीन / Mohammad Azharuddin भुतपूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और राजनेता है. वे एक बेहतरीन बल्लेबाज थे और 1990 में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी भी की है. उनकी उपलब्धियों को देखते हुए 1986 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

2000 में अजहरुद्दीन को मैच-फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया गया और जीवन पर्यन्त BCCI ने उनपर बैन (प्रतिबन्ध) लगा दिया. 8 नवंबर 2012 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने उनके बैन को अकायम बताते हुए लिफ्ट कर दिया.

मोहम्मद अजहरुद्दीन का प्रारंभिक जीवन / Early Life Of Mohammad Azharuddin –

मोहम्मद अजहरुद्दीन का जन्म 8 फरवरी 1963 को हैदराबाद, तेलंगना राज्य में हुआ था. अजहर बचपन से ही हैदराबाद में ही बडे हुए और आल सेंट हाई स्कूल, हैदराबाद में उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की. उस स्कूल में क्रिकेट का प्रशिक्षण काफी अच्छी तरह से दिया जाता था. क्रिकेट खेलते समय ही वे निजाम कॉलेज, ओस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद, तेलंगना से बैचलर ऑफ़ कॉमर्स में ग्रेजुएट हुए.

परीवार और वैयक्तिक जीवन / Mohammad Azharuddin Family & Personal Life

अजहर का पहला विवाह नौरीन से हुआ, उन्हें दो बच्चे असद और अयाज़ भी हुए और लेकिन विवाह के 9 साल बाद ही उनका तलाक हो गया. बाद में उन्होंने मॉडल-एक्टर संगीता बिजलानी से 1996 में दूसरा विवाह कर लिया. उनकी जोड़ी भी 2010 में अलग हो गयी. तभी भुतपूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाडी ने दिल्ली की शन्नो मेरी तलवार से तीसरा विवाह कर लिया जो असल में लॉस एंगेल्स, US से थी.

16 सितम्बर 2011 को उनके बेटे अयाजुद्दीन का एक रोड एक्सीडेंट में सिर्फ 19 साल की उम्र में ही देहांत हो गया.

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर-

अपने पहले टेस्ट से ही लगातार 3 शतक मारकर उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुवात की थी. भारतीय क्रिकेट टीम के वे मिडिल आर्डर बल्लेबाज थे, पहले 3 टेस्ट में लगातार 3 शतक मारकर जल्द ही अजहरुद्दीन ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति हासिल कर ली. एक क्रिकेटर के रूप में वे अपनी बैटिंग स्टाइल के लिये जाने जाते थे. एक प्रसिद्ध क्रिकेट राइटर जॉन वुडकॉक ने अपने लेखो में उनकी काफी तारीफ भी की थी और साथ ही यह भी कहा था की इससे बेहतरीन क्रिकेट डेब्यू उन्होंने कभी नही देखा. उस समय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ और सिर्फ मोहम्मद अजहरुद्दीन की ही चर्चा हो रही थी.

कप्तानी-

1990 के समय में अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे. वे भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक है जिन्होंने भारत को उनके कप्तानी में 90 वन-डे मैचों में जीत दिलवायी. बाद में उनकी इस उपलब्धि को 2 सितम्बर 2014 को महेन्द्रसिंह धोनी ने इंग्लैंड को हराकर पार किया और वन-डे मैचों में भारत के सबसे सफल कप्तान बने. उन्होंने भारत को 14 टेस्ट मैचों में भी जीत दिलवायी लेकिन बाद में उनके इस रिकॉर्ड को सौरव गांगुली ने तोडा, सौरव ने भारत को 21 टेस्ट मैचों में जीत दिलवायी.

हाइलाइट्स-

अजहरुद्दीन ने अपने टेस्ट क्रिकेट में कुल 22 शतक, 45 के एवरेज से और 7 वन-डे शतक 37 के एवरेज से लगाये थे. और आज भी डेब्यू करते समय लगातार तीन टेस्ट में तीन शतक लगाने वाले वे पहले बल्लेबाज है. एक फील्डर के रूप में उन्होंने 156 कैच वन-डे क्रिकेट में पकडे है. उनका सर्वोत्तम टेस्ट स्कोर 199 है जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ मारे थे और 1991 में उनका नाम विज़डन क्रिकेटर ऑफ़ द इयर में शामिल किया गया था.

मैच फिक्सिंग विवाद-

अपने करियर के अंतिम दिनों में अजहरुद्दीन मैच फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाये गये और दोषी पाये जाने की वजह से उन्हें बैन भी किया गया था. साउथ अफ्रीकन कप्तान हंसी क्रोंजे ने उनपर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था, तभी भारतीय सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया. तभी 2000 में ICC और BCCI ने अजहरुद्दीन को बैन किया. 2006 में BCCI ने अजहरुद्दीन पर लगे बैन को अकालीन बताया.
8 नवंबर 2012 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के बैन को इम्पोज़ (Imposed) कर दिया था, बाद में अपने दिल्ली के घर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलवाकर उन्होंने कहा था की “यह केस काफी लंबे समय तक चलने वाला केस था और दर्द से भरा हुआ भी था. हम 11 साल तक कोर्ट में लड़ते रहे. इस दौरान केस में काफी बदलाव भी हुए, और अंत में सच्चाई सामने आई और अब मै खुश हु की कोर्ट ने बैन को लिफ्ट (Lifted) कर दिया है.”

राजनैतिक करियर-

19 फ़रवरी 2009 को अजहरुद्दीन भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में शामिल हुए थे. उसी साल उन्होंने कांग्रेस में रहते हुए 200

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